पर्याप्तता नहीं सन्तुष्टा प्राप्त करें
एक मध्यवर्गीय परिवार में पैदा होने की वजह से मुझे यह लगता था कि बेशुमार पैसा और पद बेहद ज़रूरी है क्योंकि इनसे हर ख्वाहिश पूरी की जा सकती है। पैसे और पद से ही हर परेशानी से निजात मुमकिन है। इसलिए इन्हें पाने के लिए मैं मुसलसल कोशिश करता रहता था। लेकिन जैसे-जैसे मैं सफल लोगों से मिलता गया, मुझे एहसास हुआ कि वे भी मुझसे अलग नहीं थे। प्रचुर पैसे और बेहतरीन ओहदे पाने के बावजूद भी तकरीबन सभी ज़्यादा से ज़्यादा पाने की होड़ में लगे थे। पैसा और पद ही उनकी परेशानी की वजह बन रहे थे! मैंने महसूस किया कि अमूमन कामयाब लोग बीमार है। वे अपनी असीम हवस के बोझ से हरदम थके-थके रहते है। बेशुमार होने के बावजूद भी बेहद असंतुष्ट रहते है। इसीलिए अब मै पैसे, पद और प्रतिष्ठा से प्रभावित नहीं होता। मैं अब ब्रांडेड कपड़ों, मोबाइल फोन या अन्य ब्रांडेड वस्तुओं के आधार पर लोगों का मूल्यांकन नहीं करता हूँ। मेरे मुताबिक़ व्यक्ति अपने विचारों, अपने व्यवहार द्धारा ही पहचाना जा सकता है, ब्रांडेड वस्तुओं से नहीं। अब सवाल यह उठाया जाता है कि पैसा और ख्वाहिशें कित...