क्या वक़्त वाकई क़ीमती है?
पिछले हफ़्ते आश्रम में एक ख़ूबसूरत नौजवान से मुलाक़ात हुई। गुफ्तगू के दौरान मालूम हुआ कि उसने एक नामचीन इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की तालीम ली है। "सर, अक़्सर मुझे लगता है कि मेडिटेशन से मैं वक़्त बर्बाद कर रहा हूँ। कुछ भी ना सोचना, कुछ भी ना करना, कुछ भी ना कहना, सर क्या यह व्यर्थ में वक़्त गंवाना नही है? सर, वक़्त मूल्यवान है!" नौजवान ने मुझसे सवाल किया "बेटा, आप कहते हो कि वक़्त क़ीमती है। क्या आप क़ीमती वस्तु की परिभाषा बता सकते हो?" मैंने पूछा "सर, इकोनॉमिक्स के मुताबिक़ जो चीज़ कम होती है, वो मूल्यवान होती है। "बेटा आपने बजा फरमाया। अमूमन कमी ही कीमत तय करती है। पर क्या समय कम होता है, निश्चित होता है?" मैंने पूछा "सर, हमारे को यही पढ़ाया गया है।" "बेटा, क्योंकि हमारे एजुकेशन सिस्टम पर अंग्रेज़ों का प्रभाव है इसलिए आपको ऐसा पढ़ाया गया है। "वक़्त मूल्यवान है", यह एक अंग्रेज़ी कहावत है।" "मैं कुछ समझा नही सर। कृपया खुल कर बताएं।" नौजवान ने उत्सुकता से कहा "बेटा, पश्चिम में, ईस...